चुगली(Backbiting)

आजकल किसी की बुराई करना;मसाला चाय की तरह हो गई है।जिसे पीने और पिलाने वाले दोनों को मज़ा आता है।और ये जो हाल है वो हर घर,हर गली और मुहल्ले की कहानी हो गई है।पता नहीं कैसे मगर लोगों को अपने गिरेबान झांकने का मौक़ा मिले ना मिले,दूसरों की खिड़की में झांकने का मौक़ा निकाल ही लेते हैं। इसे ही कहते हैं सच्चा जनकल्याण,जिसमें किसी का कल्याण हो न हो एक दिन किसी की जान ज़रूर निकल जायेगी।

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