ग़म(Sadness)

दिल के अंधेरे कोने में झांकने की इजाज़त कैसे दे दूं ? अपनों के दिए ज़ख्म ख़ुद से ही छुपाए बैठा हूं।

अपनों का दिया दर्द ना ही छुपाते बनता हैं और ना ही दिखाते…….।

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