घाव(Wound)

दूसरा मार भी डाले तो कोई ग़म नही, पर अपनों के दिए घाव बर्दाश्त नहीं होते….।

अपनों का मारा हुआ इन्सान खुद ही मर जाता है, किसी और को ये ज़हमत उठाने ही ज़रूरत नहीं पड़ती।