दिखावा (Show off)

शक्ल-ओ-सूरत की मोहताज है सारी दुनियां, कोई अच्छा हो या बुरा कोई फ़र्क ही नहीं पड़ता।

आज दुनिया दिखावे के पीछे पागल है। आजकल सुंदरता के आगे व्यक्तित्व और विचारों का कोई मूल्य नहीं है, जबकि ये बाहरी दिखावे पल भर के होते हैं। खूबसूरती का पहनावे से कोई लेना देना नहीं है। ज़रूरी नहीं जो देखने में अच्छा हो लगे वो वास्तव में वैसा ही हो। दिखावे के पीछे भागने वालों को ज़्यादातर कड़वे अनुभवों को झेलना पड़ता है। इसलिए सुन्दरता पर नहीं अच्छे स्वभाव और सरलता से प्रेम करो।

अकड़(Flaunt)

दो दिन की जीत पर इंसान,यूं इतराना नहीं अच्छा।
ये तो बस इक खेल था,अभी तो पूरी जंग बाकी है।

Man, on the victory of two days, it is not good to boast like this. This was just a game, the whole war is yet to come.

अपनी उपलब्धियों पर गर्व किया जा सकता है लेकिन घमंड नहीं। चन्द कामों में सफलता पाकर दूसरों के साथ अकड़कर बात करना अच्छी बात नहीं होती। इन्सान को अपनी विनम्रता कभी भी खोनी नहीं चाहिए।