“अपनों से नाराज़ होकर दूर जाने से अच्छा।
संग बैठकर मसले सुलझा लिए जाएं।
शायद कोई गुंजाईश बची हो इन रिश्तों में।“
“It is better to get angry with loved ones than to go away.
The issues should be resolved by sitting together.
Maybe there is some scope left in these relationships.”


रिश्तों को तोड़ना बहुत ही आसान है पर निभाना मुश्किल। रिश्ते बने ही हैं एक-दूसरे को संभालने, समझने और बुरे वक्त में एक-दूसरे का साथ निभाने के लिए। इसलिए जब भी कोई रूठ जाए तो उसे समझा बुझा कर माना लेना चाहिए।
“खुशनसीब हैं वो लोग जिनके पास कोई तो है खयाल रखने को,कुछ बदनसीबों को तो बस ठोकरें ही नसीब होती हैं।”

