
मुफ़्त में मिले ज्ञान को लोग उपदेश समझते हैं और उपदेश अक्सर भुला दिए जाते है।लेकिन वही ज्ञान जब पैसों से खरीदा जाए तो इन्सान उसे ज़िंदगी भर याद रखने की कोशिश करता है।

मुफ़्त में मिले ज्ञान को लोग उपदेश समझते हैं और उपदेश अक्सर भुला दिए जाते है।लेकिन वही ज्ञान जब पैसों से खरीदा जाए तो इन्सान उसे ज़िंदगी भर याद रखने की कोशिश करता है।