हार(failure)

हारा हुआ इन्सान तुम्हें वो बातें बता सकता है,
जिसे करने की जीतने वालों ने कभी सोची भी नहीं होंगी। इसलिए इज्ज़त सबकी होनी चाहिए। भले ही कोई हारा हो या जीता हो कोई फ़र्क नहीं पड़ता। क्योंकि जीतने वाला भले ही तुम्हे ये सीखा दे कि तुम्हे करना क्या है, लेकिन ये कभी नहीं सीखा सकता कि तुम्हें क्या नहीं करना चाहिए। बस हारने वाला ही तुम्हें यह सीखा सकता है। अगर दोनों से सलाह लें तो हम अपनी मंज़िल को आसानी से पा सकते हैं।

सहारा(Support)

“If the crutches are not destined, then they cannot take the traveler far with their support. Those who want to reach their destination have to decide their own path.”

कुछ लिखते हैं(Let’s write something)

चल कलम उठा कुछ लिखते हैं। कुछ मन की बातें लिखते हैं। कुछ गुज़रे कल,कुछ बीते पल, जो होंगे कल की लिखते हैं। चल कलम उठा कुछ लिखते हैं। कुछ मन की बातें लिखते हैं। जब लिखने का मैंने सोचा। था मन पर भारी बोझ लदा। कुछ जो बीती अपने दिल पर। कुछ किए का था अफ़सोस लदा। जो लिया-दिया इस जीवन में। अगर चाहूं उभरे इस दिल पर है। जब भी पड़ती हैं आंखे तो। बस कोरे पन्ने दिखते हैं-2। चल कलम उठा कुछ लिखते हैं। कुछ मन की बातें लिखते हैं। हां अध्याय नहीं मेरा जीवन। जो कोई पथ अनुगामी हो। पर व्यर्थ नहीं सब कुछ इसमे। जो लिखे शब्द निष्कामी हों। फिर भी कुछ कोशिश करनी है। दे सकूं किसी को कुछ ऐसा। एक नई सुबह एक नई किरण। सपने जो सचमुच दिखते हैं। चल कलम उठा कुछ लिखते हैं। कुछ मन की बातें लिखते हैं।

Let’s pick up the pen and write something. Some write what is on their mind. Some yesterday passed, some past moments, which will happen tomorrow, they write. Let’s pick up the pen and write something. Some write what is on their mind. When I thought of writing, There was a heavy burden on my mind. My heart was filled with regret for something I had done in the past. Whatever was given in this life, If I want, it is on this heart. Whenever my eyes fall, I see only blank pages-2. Let’s pick up the pen, write something. Write the words of the mind. Yes chapter no my life. Someone who follows the path. But not everything in this is in vain. The words that are written should be useless. Still have to try something. I can give something like this to someone. A new dawn,a new ray of hope. Dreams that come true. Let’s pick up the pen, write something. Write the words of the mind.

पथ के साथी(Fellow travelers)

जीवन का गंतव्य ढूंढने,
चला पथिक मैं अभिलाषी।
पथ पर चलकर सत्य ये जाना,
कोई नहीं पथ का साथी।
हुई घोर निराशा टूटी-आशा,
तब सहसा ही यह जाना।
लक्ष्य मेरा जीवन मेरा है,
मैं ही खुद का संगाती (साथी)।
सबके अपने स्वार्थ जुड़े हैं,
रिश्ते और जज़्बातों में।
तू मेरा है;मैं तेरा,
ये शब्द जुड़े आभासों से।
सोचो ना आशाएं होती,
तो बोलो फिर क्या होता?
होते सब जंगल के वासी(पशु समान),
या होते सब संन्यासी।
प्रेम-त्याग कलयुग में दिखता,
बस पुस्तक और बातें में।
मैं जानूं और सब ये जाने,
है स्वार्थ जुड़ा सब नातों से।
सत्संग और उपदेश व्‍यर्थ है,
अगर ये बात नहीं समझी।
मतलब के हैं रिश्ते-नाते,
मतलब की दुनियादारी।
सबकी अपनी-अपनी जरूरत,
सबके अपने-अपने बोल।
प्रेम के बदले प्रेम न मिलता,
रिश्ते हैं माटी के मोल।
सबके मुख पर एक मुखौटा,
जब उतरे तो भेद खुले।
समय बुरा हो जब भी अपना,
रिश्ता कौन निभाता है?
निश्चल प्रेम तो माता करती,
चाहे जो-जैसे हो तुम।
पर है पिता का स्थान नहीं कम,
जो पालन करते हर दम।
जिसने भी है सत्य ये,
जन मानव वो सच्चा ज्ञानी।
स्वार्थ रहित जो प्रेम साध ले,
होवे सबका विश्वासी।
जीवन के इस दुर्गम पथ पर,
चलते-चलते अब जाना।
जो देगा वो ही पायेगा,
कठिन नहीं है समझाना।
दूजों से चाहो जो कुछ भी,
पहले पहल तुझे करनी।
यदि सब सबका मुख लगे देखने,
बाद पड़ेगी पछतानी।

समय-समय की बात है बंधु,
समय बड़ा बलधारी है।
कभी मित्र सा परम हितैशी,
कभी ये अत्याचारी है।
सच ही कहा है बड़े जनों ने,
समय ही;समय पर बतलाता।
कौन यहां पर कितना अपना,
कितना कौन पराया है।

“मां-बाप के सिवा इस दुनिया में मुश्किल से ही ऐसे रिश्ते मिलना मुमकिन है जो आपसे सच्चा प्रेम करते हों।”