अकेला(Alone)

अकेलेपन का गम उससे ज्यादा और कोई नहीं समझ सकता, जो अपनों के साथ रहने के बावजूद अकेला महसूस करता हो।

बहुत तकलीफ़ होती है जब अपने साथ होते हुए भी बहुत दूर होते हैं।एक अलग सा दर्द महसूस होता है । ऐसा नहीं कि अपने साथ नहीं देते, मगर कोई आपको समझने वाला नहीं होता। ऐसे में तकलीफ़ दुगनी हो जाती है और इस हाल में हम अक्सर गलत फैसले कर बैठते हैं या कोई गलत आदत अपना लेते हैं,अपनी मायूसी को छुपाने के लिए। लेकिन हमारी दिक्कतें कम नहीं होती, बल्कि और भी ज्यादा बढ़ने लगती हैं । इसलिए अगर आप अकेला महसूस करते हैं तो अपनों से इस बारे में बात कीजिए,अपने दोस्तों से मिलिए और खुद को खुश रहने की कोशिश कीजिए। तभी आप अकेलेपन के भॅवर से निकल सकते हैं वरना डूब जायेंगे।

कवि की रचनाएं(Poet’s Creations)

गगन-धरा को एक करे जो,
मरू;सागर से भर लाए।
निर्जन में भी प्राण फूंक दे,
ऐसी कवि की रचनाएं।
हैं ऐसी कवि की रचनाएं ।
शब्दों को लय में जो गूंथे,
भावों का जो सार भरे।
जीवन को प्रकृति से जोड़े,
मानव मन की सृष्टि करे।
शोक के सागर में डूबे की,
तत्क्षण हरती विपदायें।
निर्जन में भी प्राण फूंक दे,
ऐसी कवि की रचनाएं।
हैं ऐसी कवि की रचनाएं।
राजसभा या रंगमंच,
या युद्धक्षेत्र की रणभेरी।
परमप्रभु का भक्तिनाद,
या निर्धन जन की हो डेरी।
प्रतिक्षण-प्रतिपल स्थिति विशेष में,
भिन्न भिन्न यह रूप धरे।
मानव मन में शौर्य,प्रेम
और भक्ति का संचार करे।
रण का भीषण दृश्य दिखाए,
हरि दर्शन भी करवाए।
निर्जन में भी प्राण फूंक दे,
ऐसी कवि की रचनाएं।
हैं ऐसी कवि की रचनाएं ।
कई रसों से व्याप्त काव्य,
यह शिव ताण्डव कहलाता है।
कभी वीर रस में डूबा,
महाराणा प्रताप बन जाता है।
भक्ति रस से सराबोर हो,
ये तुलसी-मीरा-सूर बने।
कभी कृष्ण के प्रेम में डूबा,
राधा का यह रूप धरे।
कभी धरे श्रृंगार रूप तो,
सिया-राम बन जाता है।
कभी कथाओं का माध्यम ले,
रामायण भी कहलाता है।
पग-पग,नव-नव वेष ये धारे,
जन जीवन को सिखलाए।
निर्जन में भी प्राण फूंक दे,
ऐसी कवि की रचनाएं।
हैं ऐसी कवि की रचनाएं ।

कविताओं और कहानियों का हमारे जीवन में सदैव से ही विशेष स्थान रहा है। चाहे वो बचपन में दादा-दादी से सुनी हुई कहानियां हों या किताबों में छपी हुई कविताएं। ये कवियों और लेखकों की रचनाएं ही तो हैं, जो हमारे मन को कल्पनाओं और भावनाओं से भर देती हैं। इन्हें पढ़ते ही हमारा मन कल्पनाओं से सागर में गोते लगाना शुरू कर देता है। ये कल्पनाओं के साथ साथ जीवन की वास्तविकताओं से तो हमारा परिचय कराती ही हैं।साथ ही साथ हमारे भीतर प्रेम, उत्साह,साहस,भक्ति आदि भावनाओं को जगाते हुए हमारा मार्गदर्शन भी करती हैं।

ग़म(Sadness)

दिल के अंधेरे कोने में झांकने की इजाज़त कैसे दे दूं ? अपनों के दिए ज़ख्म ख़ुद से ही छुपाए बैठा हूं।

अपनों का दिया दर्द ना ही छुपाते बनता हैं और ना ही दिखाते…….।

धैर्य(Patience)

धैर्य एक सकारात्मक भावना है,जो हमारे असुरक्षात्मक ;नकारात्मक विचारों से हमारी सुरक्षा करता है। इससे एक आशा जुड़ी होती है कि एक दिन सब अच्छा हो जायेगा। धैर्य रखने की आवश्यकता तब होती है जब परिस्थितियां हमारे नियंत्रण से बाहर हो।यह विपत्ति या किसी भी परिणाम की प्रतीक्षा से होने वाली बेचैनी के समय स्वयं पर आत्मनियंत्रण रखने का एक शक्तिशाली साधन है, जो हमें जल्दबाज़ी मे गलत निर्णय लेने से रोकता है।इसीलिए जब तक परिस्थितियां और परिणाम आपके अनुकूल न हों,स्वयं पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए धैर्य रखें।

यदि कोई इस बात से असहमत हो तो कृपया इस पर अपने बहुमूल्य सुझाव दें।

Patience is a positive emotion, which protects us from our insecure; negative thoughts. There is a hope attached to it that one day everything will be fine. Patience is needed when circumstances are out of our control. It is a powerful means of self-control in times of adversity or uneasiness of waiting for any outcome, which prevents us from making rash decisions. That’s why be patient to maintain control over yourself until the circumstances and results are not in your favor. .

f anyone disagrees with this, please give your valuable suggestions on this.