रिश्तों की सच्चाई(Truth of Relationship)

मुसीबत की तपिश से घिरा कब से ढूंढ रहा हूं पर फिर भी,
लाख कोशिशों के बावजूद; मुझे मेरा अक्स दिखाई नहीं देता।

जब सूरज सिर चढ़ता है तो अपनी परछाई भी छोड़ देती है। जब अपनी परछाई ने ही साथ नहीं दिया तो औरों से क्या शिकायत करना। लेकिन जो आपके बुरे वक्त में आपके साथ खड़ा रहे,वही आपका सच्चा साथी है; सम्बन्धी है।ऐसे लोग ही आपकी सच्ची पूँजी हैं। इसलिए ऐसे लोगों को कभी भी खोना नहीं चाहिए।