पुराने ज़ख्म (Old wound)

पुराने जख्मों को कुरेदने से क्या फ़ायदा
घाव जब भी हरे होंगे तकलीफ़ ही दे जायेंगे।

पुरानी कड़वी यादों और अनुभवों को बार बार सोचने से आपका दर्द कम नहीं होता बल्कि और बढ़ जाता है। इसलिए अगर खुद की या किसी और की वजह से आपको कोई तकलीफ़ हुई हो तो या तो उसे भुला दो या फ़िर माफ़ कर दो। ज़िंदगी में लकलीफें कम और सुकून ज्यादा पाओगे।

काश! मैने ये गलती न की होती।

भलाई और बुराई(Gudness & Badness)

ज़माने को भलाई अब कहीं भी रास ना आती,
भलाई संग बुराई की भी थोड़ी सी ज़रूरत है।

बात कड़वी है फिर भी सच हैं अच्छे इंसान हालत जानवर की उस पूंछ की तरह रह गई हैं, जिसकी ज़रूरत तो होती है मगर सिर्फ मक्खियां उड़ाने के लिए। उसके सिवा उससे किसी और कोई लेना देना नहीं होता।जब भी लोगों को ज़रूरत होती इस्तेमाल करते हैं और जब नहीं होती तो दूध की मक्खी सा हाल करते हैं।