“बार-बार किसी के पीछे जाकर बेईज़्जती मत करवाना जो इज्ज़त और प्यार करते हैं वो कभी नखरे नहीं दिखाते।”

“बार-बार किसी के पीछे जाकर बेईज़्जती मत करवाना जो इज्ज़त और प्यार करते हैं वो कभी नखरे नहीं दिखाते।”

“चाहता था सुकुन के दो पल जी लूं,
मगर जो आराम से कटे वो ज़िंदगी कैसी ?”

किसी की नसीहतें लेने लायक है या नहीं ये बात बस उस इन्सान की जेब पर टिकी हुई है,कि उसकी जेब भरी है या ख़ाली है। इसलिए अगर जेब में वज़न हो तो लोगों को आपकी बातें भी अपने आप ही वज़नदार लगने लगती हैं, भले ही वो कितनी भी हल्की ही क्यों न हों।


हारा हुआ इन्सान तुम्हें वो बातें बता सकता है,
जिसे करने की जीतने वालों ने कभी सोची भी नहीं होंगी। इसलिए इज्ज़त सबकी होनी चाहिए। भले ही कोई हारा हो या जीता हो कोई फ़र्क नहीं पड़ता। क्योंकि जीतने वाला भले ही तुम्हे ये सीखा दे कि तुम्हे करना क्या है, लेकिन ये कभी नहीं सीखा सकता कि तुम्हें क्या नहीं करना चाहिए। बस हारने वाला ही तुम्हें यह सीखा सकता है। अगर दोनों से सलाह लें तो हम अपनी मंज़िल को आसानी से पा सकते हैं।

मुस्कुराहट के पर्दे से तकलीफें छुपाया करता हुं।
मैं हूं बादल कभी आया कभी जाया करता हूं।
यूं तो चुपचाप दबा रक्खी हैं गड़गड़ाहट दिल में।
फिर भी कहां किसी और को बताया करता हूं।


“बैसाखियाँ अगर मुक़द्दर न हों तो मुसाफिर को सहारे दूर तक नहीं ले जा सकते । मंज़िल की चाह रखने वालों को अपने रास्ते खुद ही तय करने पड़ते हैं।”
“If the crutches are not destined, then they cannot take the traveler far with their support. Those who want to reach their destination have to decide their own path.”

न जाने कितने ही सपने दम तोड़ते हैं,
मुफलिसी की चादरों की घुटन से।
तड़पता रहा रात भर सड़कों पे कोई,
कोई मखमल पे लेटा सो रहा है।
Don’t know how many dreams die, From the suffocation of the sheets of poverty. Someone kept on suffering on the streets all night, Someone is sleeping lying on velvet.

“भागता रहा ज़िंदगी भर मुश्किलों से लेकिन; सोचा कब तक ?…… फिर ख़याल कि चलो अब दो-दो हांथ कर ही लेते हैं।”
“I ran away from difficulties all my life but; Thought till when?…… Then thought that let’s fight these troubles now.”

“इस दुनिया में हर चीज़ की कीमत चुकानी पड़ती है। अच्छाई की भी और बुराई की भी।
फ़र्क बस इतना सा है कि अच्छाई ये क़ीमत पहले और बुराई बाद में चुकाती है,पर हिसाब सबका होता है। इसलिए बुद्धिमानी से चुनाव करें।”
“There is price to be paid for everything in this world; For Goodness as well as badness. The only difference is that the good pays this price first and the evil later, but everyone is accounted for. So choose wisely.”
