अकेला(Alone)

अकेलेपन का गम उससे ज्यादा और कोई नहीं समझ सकता, जो अपनों के साथ रहने के बावजूद अकेला महसूस करता हो।

बहुत तकलीफ़ होती है जब अपने साथ होते हुए भी बहुत दूर होते हैं।एक अलग सा दर्द महसूस होता है । ऐसा नहीं कि अपने साथ नहीं देते, मगर कोई आपको समझने वाला नहीं होता। ऐसे में तकलीफ़ दुगनी हो जाती है और इस हाल में हम अक्सर गलत फैसले कर बैठते हैं या कोई गलत आदत अपना लेते हैं,अपनी मायूसी को छुपाने के लिए। लेकिन हमारी दिक्कतें कम नहीं होती, बल्कि और भी ज्यादा बढ़ने लगती हैं । इसलिए अगर आप अकेला महसूस करते हैं तो अपनों से इस बारे में बात कीजिए,अपने दोस्तों से मिलिए और खुद को खुश रहने की कोशिश कीजिए। तभी आप अकेलेपन के भॅवर से निकल सकते हैं वरना डूब जायेंगे।

3 thoughts on “अकेला(Alone)

  1. This heartfelt passage beautifully expresses the unique pain of feeling alone even in the company of others. It highlights the struggle of being misunderstood despite being surrounded by loved ones. It’s a reminder that seeking support and communication with friends can help alleviate the loneliness. Well done❤❤❤

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