नसीहतें(Edification)

किसी की नसीहतें लेने लायक है या नहीं ये बात बस उस इन्सान की जेब पर टिकी हुई है,कि उसकी जेब भरी है या ख़ाली है। इसलिए अगर जेब में वज़न हो तो लोगों को आपकी बातें भी अपने आप ही वज़नदार लगने लगती हैं, भले ही वो कितनी भी हल्की ही क्यों न हों।

Leave a comment