मुस्कुराहट के पर्दे से तकलीफें छुपाया करता हुं।
मैं हूं बादल कभी आया कभी जाया करता हूं।
यूं तो चुपचाप दबा रक्खी हैं गड़गड़ाहट दिल में।
फिर भी कहां किसी और को बताया करता हूं।


मुस्कुराहट के पर्दे से तकलीफें छुपाया करता हुं।
मैं हूं बादल कभी आया कभी जाया करता हूं।
यूं तो चुपचाप दबा रक्खी हैं गड़गड़ाहट दिल में।
फिर भी कहां किसी और को बताया करता हूं।


वाह वाह।
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Wow ❤️
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Thank you
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